भ्रस्टाचार विशेष :- ऊँची दुकान, फीका पकवान, सौ में से नब्बे बेईमान फिर भी मेरा भारत देश महान..

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ऊँची दुकान,
फीका पकवान,
सौ(100) में से नब्बे बेईमान,
फिर भी मेरा भारत देश महान..


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मंगल भवन अमंगल हारी 
अन्ना सरकार पर भारी
दीन दयाल बिरदु सम्भारी 
हरउ नाथ भ्रष्टाचारी


!!३!!
पाल : मैं भ्रस्टाचार हूँ|
जनलोकपाल : मैं भ्रस्टाचार का काल हूँ |
लोकपाल : मैं अपनी मर्जी से कुछ भी कर सकता हूँ, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता |
जनलोकपाल : मैं तेरी मर्जी चलने नहीं दूंगा, तू कुछ भी करके देख मैं तुझे कहीं नहीं छोडूंगा | 
लोकपाल : मैं रावण हूँ, मैंने कुबेर का खजाना लूटा है |
जनलोकपाल : मैं हनुमान हूँ, मेंने रावण की लंका बरबाद की है | 
लोकपाल : मेरे पास कांग्रेस सरकार है |
जनलोकपाल: मेरे पास जनता बेसुमार है |




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