शायरी हिन्दी मै - जिसने निशां आसुंओं का मिटाया था, अधूरी सी है

जब मैं हसा था, कौन मेरे साथ मुस्कुराया था ?

कौन है मेरा दोस्त जो तब मेरे पास आया था ?

जब मै ग्रमज्रदा था, क्या किसी ने आंसू बहाया था ?

या यह है मेरा दोस्त जिसने निशां आसुंओं का मिटाया था, अधूरी सी है …



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