एक प्रेमी अपनी प्रेमिका को :- चलो में बताऊँ क्या, कोन और क्यों हो तुम ?

एक प्रेमी अपनी प्रेमिका को :- चलो में बताऊँ क्या, कोन और क्यों हो तुम ?


प्रेमिका प्रेमी से :- में तुम्हारे लिए क्या, कोन, क्यों  हु ?

प्रेमी हाथ पकड़ कर :- चलो में बताऊँ क्या, कोन और क्यों हो तुम,

मेरे लिए मेरी दुनिया हो तुम,

छू कर जो गुजरी वोह हवा हो तुम,

मेने जो मांगी वोह दुआ हो तुम,

करे मुझ को जो रोशन वोह दीपक हो तुम,

दिल ये कहे मेरा जिया हो तुम,

किया मैंने महसूस वोह एहसास हो तुम,

मेरे होंटों की प्यास हो तुम,

मेरे बाँहों की आस हो तुम,

मेरी नज़र की तलाश हो तुम,

मेरी ज़मीन का आकाश हो तुम,

मेरे सितारों की रोशनी हो तुम,

मेरी जिंदगी का करार हो तुम,

मेने जो चाहा वो प्यार हो तुम,

मेरे इन्तजार की राहत हो तुम, 


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