प्यार का क्या अर्थ है / प्यार का क्या मतलब है / प्यार की परिभाषा क्या है / प्यार किसे कहते है ?

मुझे पता है, अभी आप के दिमाग कुछ सवाल चल रहे है जैसे - प्यार का क्या अर्थ है / प्यार का क्या मतलब है / प्यार की परिभाषा क्या है / प्यार किसे कहते है ? What is love ? meaning of love ? what is the definition of love ?
आज आपके उत्सुकता भरे सभी सवालों का जबाब बहुत ही विस्तार से दूंगा। 


प्यार का पर्यायवाची शब्द क्या है -

प्यार को कई अन्य नाम भी है जैसे - प्रेम, प्रीति, मुहब्बत, स्नेह, दुलार, लाड, Love और भी कई है।



प्यार का क्या मतलब है -

  • प्यार भावनाओं और व्यवहारों का एक समूह है।
  • प्‍यार एक एहसास है।
  • प्यार को अनुभव कर सकते है।
  • इसका कोई साकार रूप नही होता है।
  • प्यार में आकर्षण, निकटता, विश्वास, स्नेह, देखभाल और सुरक्षा शामिल है।
  • जब आप किसी के प्रति समर्पित हो तो वह प्यार है।
  • और बदले में बिना कुछ पाने की इच्छा रख कर, किसी को जुनून की हद तक चाहते रहना ही प्यार है।
  • एक ऐसा सुंदर व सुखद एहसास है, जहाँ दो दिल तड़पते हों उसी को प्यार माना है। 
  • जहा दो दिल एक दुसरे के लिए धड़कते है।
  • एक को दुःख होने पर, दूसरे को अपने आप दुःख हो।
  • एक की ख़ुशी में दोनों दिल खुश हो।
  • जो एक दुसरे के लिए हमेशा खुश रहने और उज्जवल भविष्य की कामना करे, यही प्यार है।
  • प्यार सच्चा भी हो सकता है और झूठा भी।
  • प्यार तीव्रता में भिन्न हो सकता है और समय, व्यवहार और हार्मोनो में बदलाव के साथ बदल सकता है।
  • यह अच्छा व्यवहार, उत्तेजना, खुशी, जीवन संतुष्टि और उत्साह सहित कई सकारात्मक भावनाओं से जुड़ा है।


प्यार और सेक्स में अंतर -

  • प्यार और सेक्स दोनों अलग-अलग है परन्तु इनमें सम्बन्ध है। प्यार को सेक्स नहीं कह सकते है। सेक्स करने से पहले प्यार की तीव्रता अधिकतम जबकि सेक्स करने के बाद प्यार की तीव्रता न्यूनतम होती है।
  • प्यार भी एक कारक है जो सेक्स करने के लिए उकसाता है। 
  • प्यार भावनाओं और व्यवहारों का एक समूह है जबकि सेक्स एक बायोलॉजिकल घटना है।


प्यार होने के बाद क्या होता है -

  • जिस व्यक्ति से आप प्यार करते हैं हो सकता है कि, आप उनके बारे में इतनी बार सोचें कि वो आपके सपनों में भी दिखने लगे।
  • लोग प्यार में कुछ हद तक अपने प्रेमी के लिए समझौता और त्याग करते है।
  • जिससे आप प्यार करते है उसकी हर आदत अच्छी लगने लग जाती है।
  • आप जाने अनजाने में अपने प्रेमी का सहयोग करने लगते है।
  • अपने प्रेमी के बारे में बात करना अच्छा लगने लगेगा।
  • कई लोग अपने प्रेमी संग सेक्स के बारे में भी सोचते है।


माँ और सन्तान का प्यार -

सर्वाधिक प्यार की तीव्रता माँ और संतान के रिश्ते में होती है, माँ विश्व में एकमात्र ऐसा जीव है जो अपनी संतान को सर्वाधिक प्यार निस्वार्थ करती है। माँ से अधिक प्यार कोई किसी से नहीं कर सकता है अगर आपको यह लगता है की आपको माँ से ज्यादा कोई और प्यार करता है तो समझ ले कि या तो माँ अपना प्यार दिखाना नहीं चाहती है या आप नादान है, किसी भ्रम में है, या स्वार्थी है। 



पति-पत्नी का प्यार -

इस रिश्ते में प्यार और नफरत दोनों साथ-साथ चलती है, क्योकि अधिकतर लोग सेक्स और संतान प्राप्ति के लालच में शादी करते है जिससे प्यार की तीव्रता कम होती है। 
प्यार की तीव्रता जहा कम होगी वहा नफरत, विश्वाश की कमी, और नकारात्मक विचार जैसे कारक जन्म लेंगे।
अपनी तरफ से निस्वार्थ एकतरफा 100% सच्चा प्यार ही, इस रिश्ते में प्यार की तीव्रता बढ़ा सकता है।


व्‍यवहार और प्यार में रिस्ता -

जब आपका किसी जीव या इंसान के प्रति आपका आचरण या व्‍यवहार अच्छा होता है तो प्यार की तीव्रता अधिक होगी।


सुंदरता और प्यार में रिस्ता -

जो वस्तुए या जीव सुन्दर दिखते है उनसे प्यार और आकर्षण जल्दी हो जाता है।




आप ज्यादा जानने के लिए निचे लिखी हिंदी फिल्मो का सहारा ले सकते है |
और कमेन्ट बॉक्स के जरिये आप खुछ बता सकते है, खुछ पूछ सकते है ?
प्यार (1950 फ़िल्म)
प्यार इश्क और मोहब्बत (2001 फ़िल्म)
प्यार का कर्ज़ (1990 फ़िल्म)
प्यार का तराना (1993 फ़िल्म)
प्यार का देवता (1990 फ़िल्म)
प्यार का मंदिर (1988 फ़िल्म)
प्यार का मौसमप्यार का मौसम (1969 फ़िल्म)
प्यार का रिश्ता (1973 फ़िल्म)
प्यार का रोग (1994 फ़िल्म)
प्यार का सपना (1969 फ़िल्म)
प्यार का सागरप्यार का साया (1991 फ़िल्म)
प्यार किया तो डरना क्या (1998 फ़िल्म)
प्यार की कहानी (1971 फ़िल्म)
प्यार की जीत (1987 फ़िल्म)
प्यार की राहें (1959 फ़िल्म)
प्यार के काबिल (1987 फ़िल्म)
प्यार के दो पल (1986 फ़िल्म)
प्यार के नाम कुर्बान (1990 फ़िल्म)
प्यार कोई खेल नहीं (1999 फ़िल्म)
प्यार ज़िन्दगी है (2001 फ़िल्म)
प्यार झुकता नहीं (1985 फ़िल्म)

प्यार तूने क्या किया (2001 फ़िल्म)
प्यार तो होना ही था (1998 फ़िल्म)
प्यार दीवाना होता है (2002 फ़िल्म)
प्यार में कभी कभी (1999 फ़िल्म)
प्यार में ट्विस्ट (2005 फ़िल्म)
प्यार मोहब्बत (1966 फ़िल्म)
प्यार मोहब्बत (1988 फ़िल्म)
प्यार ही प्यारप्यार हुआ चोरी चोरी (1992 फ़िल्म)
प्यार हो गया (1986 फ़िल्म)

टिप्पणियाँ

  1. KYA BAAT H MERE SATH H MERE SAPNO KI RANI............

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  2. इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.

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  3. --------------------
    "“आप पास रहे या दूर

    हम दिल से दिल की आवाज मिला सकते है

    ना खत के, ना टेलिफोन के मौहजात है हम

    आपके दिल को एक हिचकी से हिला सकते है हम

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  4. Me ek ladki se pyaar krta hu vo bhi mujhe pyaar krti h
    Hm 3years se baat kr rhe h pr aaj tk hm mile nahi h .

    Me Milne ko bolta hu to bolti h ki milna jaruri h kya ..

    Plzzz aap mera marg darshan kre

    Plzzz plzzz plzzz

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    1. इसका सबसे अच्छा उत्तर आपका दिल ही दे सकता है ।

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  5. Pyar ka asali matalab ek dusare ko sach batana hota h ek galati se rista tut jata h Esliye hame ek dusare se kuch chupana nhi chahiye

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  6. आपने अपने इस आर्टिकल में प्यार के बारे में बहुत अच्छी जानकारी दिया है और बड़े ही प्यार से लिखा भी है. आपको देखकर मैं ब्लॉगिंग शुरू किया है. आपके लेख से प्रभावित होकर मैंने love से संबंधित एक लेख लिखा है. कृपया मेरे वेबसाइट विजिट करें. कोई कमी हो तो कमेंट करके जरूर बताइएगा.
    धन्यवाद

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  7. Pyar ek ehsaas h pyar me hame ek dusre ki respect karni cahiye pyar me dosti ki jagah bhi honi chahiye jisse hmm apne partner sb baat share kar sake .pyar me ek dusre ke emotions ko samjhna chahiye pyar vo hota jisme bina bole hmm ek dusre ki baat ko samjh jaye vo saccha pyar hota h

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  8. Many many thanks for this information. This is the kind of information I was looking for. I hope no one else should have any questions about love after reading this article. Because everything here is written in detail in a very beautiful way.

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