किसी को इतना प्यार न कर कि...

किसी को इतना प्यार न कर
कि बैठे बैठे आँख नम हो जाए
उसे अगर मिले एक दर्द
इधर तेरी ज़िन्‍दगी के दो पल कम हो जाए।

किसी के बारे मे इतना न सोच
कि सोच का मतलब ही वो बन जाए
भीड़ के बीच भी लगे
तन्हाई से जकड़ॆ गये।

किसी को इतना याद न कर
कि जहाँ देखो वही नज़र आए
राह देख देख कर कहीं ऐसा न हो
ज़िन्‍दगी पीछे छूट जाए।

ऐसा सोच कर अकेले न रहना,
किसी के पास जाने से न डरना
न सोच अकेलेपन मे कोई गम नहीं,

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