उस को भी दिल का हाल....

पलकों पे आंसू’ओं को सजाया न जा सका
उस को भी दिल का हाल बताया न जा सका

ज़ख्मों से चूर चूर था यह दिल मेरा
एक ज़ख़्म भी उस को दिखाया न जा सका

जब तेरी याद आई तो कोशिश के बावजूद
आँखों मैं आंसू’ओं को छुपाया न जा सका

कुछ लोग ज़िन्दगी मैं ऐसे भी आये हैं
जिन को किसी भी लम्हे भुलाया न जा सका

बस इस ख़याल से कहीं उस को दुःख न हो
हम से तो हाल-इ-घूम बताया न जा सका
 
वोह मुस्कुरा रहा था मेरे रु-बा-रु मगर
चेहरे का रंग उस से छुपाया न जा सका

तनहाइयों की आग मैं हम जल गए
मगर फासला उनका मिटाया न जा सका

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